बुल्डोचर कल्चर
उत्तरप्रदेश से 2017 में शुरू हुआ बुल्डोजर कल्चर अब पूरे देश में फ़ैल चुका है और त्वरित न्याय प्रणाली का एक हिस्सा या यूँ कहें कि एक प्रतीक बन गया है। क्या आपको नहीं लगता कि यह ग़लत है? किसी भी अपराध में कोई आरोपी पकड़ा जाता है तो अपराध सिद्ध होने के बाद उसको सज़ा होनी चाहिए लेकिन पूरे परिवार को रोड़ पर ले आना क्या अलोकतांत्रिक नहीं है? क्या इससे परिवार के बच्चे, महिलाएँ, बुज़ुर्ग और अन्य सदस्य मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं होंगे, जबकि उनका प्रत्यक्ष कोई कसूर भी नहीं है तो उनको सज़ा क्यों दी जा रही है। अगर आरोपी भविष्य में आरोप मुक्त होता है तो क्या प्रशासन दोबारा घर बनाकर देगा। हालाँकि इसमें भी ज़्यादातर मामलों में अवैध निर्माण का हवाला दिया जाता है, लेकिन क्या यह सब उसी वक्त याद आता है इससे पहले या बाद में क्या नगर निगम के अधिकारी सो जाते हैं ?
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