प्रेम, विवाह, उम्र, पद प्रतिष्ठा से जुड़ी हिन्दुस्तानी समाज की सोच पर सवाल
हिन्दुस्तानी समाज को आधुनिक और संवेदनशील होने में अभी बहुत वक्त लगेगा। बाड़मेर-जैसलमेर के पूर्व सांसद मानवेन्द्र सिंह जसोल ने अपनी पत्नी चित्रा सिंह को दो साल पहले एक दुखद सड़क हादसे में खो दिया था। इसी साल उन्होंने अपने बेटे कुंवर हमीर की शादी की है और हाल ही में आई ख़बरों के अनुसार मानवेन्द्र सिंह जसोल ने कथित तौर पर दूसरी शादी कर ली है। बताया जा रहा है कि वे उस महिला को सामाजिक और पारिवारिक स्वीकार्यता दिलाना चाहते हैं लेकिन इस अन्तरजातीय विवाह पर उन्हें घर-परिवार और सोशल मीडिया पर पद-प्रतिष्ठा और उम्र का हवाला देकर परेशान किया जा रहा है। घर वाले घर में नहीं घुसने दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर तथाकथित समाज सुधारक ट्रोल कर रहे हैं। जबकि सबको यह सोचना चाहिए कि इंसान को हर उम्र में एक साथी की ज़रूरत महसूस होती है और शादी उसका निजी चुनाव है कि वह कब और किससे करता है। अगर वह अपनी शादी से ख़ुश हैं तो किसी को क्यों समस्या होनी चाहिए। मैं यह भी सोचता हूँ जब एक वर्चस्ववादी व्यक्ति के साथ ऐसा होता है तो किसी आम व्यक्ति को जीवन में ऐसा फैसला लेने में कितनी हिचक महसूस होगी।
—विजय राही
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