समसामयिक
बीबीसी हिन्दी ने लिखा कि ईरानी सरकारी टीवी के प्रेज़ेंटर ने रोते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर ख़ामेनेई की मौत की घोषणा की और बताया देश में चालीस दिनों का शोक रहेगा। अभी हाल ही अमेरिका-इजराइल ने ईरान के कई शहरों पर हमले किए थे। अमेरिका-इजरायल के ईरान हमले में लगभग एक सौ साठ छात्राओं की मौत की ख़बर आई थी, तब से ही मन उदास था और बार-बार आलोक धन्वा की 'पतंग' कविता याद आ रही थी।
फिर ईरान के सुप्रीम लीडर ख़मनोई की मौत ख़बर आई जिसकी आशंका पहले से ही थी। अपने मुल्क और अपने लोगों के लिए जान की बाजी लगा देने वाले, दुनिया-भर के मेरे प्रिय साहसी नेताओं में शामिल ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई को आख़िरी सलाम। जिस देश का शानदार सिनेमा देखते हुए सिनेमा देखना समझा हो, उस देश को साम्राज्यवादियों के हाथों इस तरह तबाह होते देखना बहुत पीड़ादायक है। मुझे उम्मीद ईरान हिम्मत नहीं हारेगा और इस सबसे जल्द उबरकर फिर मज़बूती के साथ खड़ा होगा।
दुआ है जल्द सब ठीक हो। ईरान ज़िन्दाबाद🍁
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